रविवार, ३ ऑगस्ट, २०२५

दोस्त

दोस्त
******
दोस्त जितने भी है 
उतने हमे काफी है
एक चांद एक सुरज 
दुनिया के लिए काफी है 
हमे क्या मतलब है 
सितारे तो अनगिनत है 
जो अंधियारा दूर करे 
बस वही अपने हमदर्द है
***"
डॉ.विक्रांत तिकोणे 
मैत्री दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा.

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

टिप्पणी पोस्ट करा

भय

भय *** किर्र निर्मनुष्य अश्या  जयंती माता जंगलात  मऊ मातीत उमटलेली  ताजी व्याघ्र पावुले  अन् एकटेपणी  चाललेली माझी परिक्रमा . वि...