शुक्रवार, १८ ऑक्टोबर, २०१३

झाला देवराया





झाला देवराया | कणव कृपाळू |
दिले आळूमाळू | प्रेमसुख ||१||
त्याच्या स्पंदनी | वीज रुणुझुनी |
मेघ किणकिणी | सर्वांगात ||२||
तरंग रहित | मनाचे आभाळ |
शारद कोवळ | आल्हादित ||३||
देह गोधडीच्या | सुटुनिया गाठी |
उताविळ उडी | घेवू पाहे ||४||
कुणी सांभाळले | कैसे आणीयले |
चंदन दाटले | कणोकणी || ५|| 

विक्रांत प्रभाकर  
 http://kavitesathikavita.blogspot.in/


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